बे मौसम बारिश का नजारा, उजड़ी फसल किसान बेसहारा, बे मौसम बारिश का नजारा, उजड़ी फसल किसान बेसहारा,
खामोश रहते हैं और बे-ज़ुबानी सुनाते हैं... खामोश रहते हैं और बे-ज़ुबानी सुनाते हैं...
बड़ी मासूम है, बड़ी कोमल है, जैसे रेशम का धागा... ज़िन्दगी... ज़िन्दगी है ! और ज़िन्दगी खेल नहीं !! ... बड़ी मासूम है, बड़ी कोमल है, जैसे रेशम का धागा... ज़िन्दगी... ज़िन्दगी है ! और ज...
मखमली पलंग नी मजा, बे दिलोनी सजा। मखमली पलंग नी मजा, बे दिलोनी सजा।
ठीक है फिर हम भी जी लेंगे, भरे मन, बिन तुम्हारे। ठीक है फिर हम भी जी लेंगे, भरे मन, बिन तुम्हारे।
तू मिल जा कहीं यूँ ही किसी बहाने से जी लेंगे कुछ पल सही। तू मिल जा कहीं यूँ ही किसी बहाने से जी लेंगे कुछ पल सही।